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सीधे पहाड़ से सीधे पहाड़ से

उत्तराखंड के अल्मो़ड़ा के गौरव मनकोटी एमटीवी का रैप सांग सीधे पहाड़ से सीधे पहाड़ से एम टीवी के शो हसल में कई उत्तराखंडी युवक-युवतियां अपने रैप सॉंग से जजों समेत लोगों का जीत चुके हैं.जिनका ऑफिसियल सांग रिलीज़ हो चूका है वो एमटीवी हसल में टॉप 15 मे जगह बनाने में सफल रहे थे।   गौरव ने पहाड़ की सुंदरता के साथ गांवों और पहाड़ के कठिन जीवन और संघर्ष के बारे में दुनिया को बताया साथ ही अपनी दादी तक का जिक्र भी गौरव ने गाने में किया  है   गौरव मनकोटी पूर्व में अच्छे डांससर और कोरियोग्राफर भी रहे चुके हैं। वह लगातार युवाओं को डॉस का प्रशिक्षण भी देते हैं। गौरव ने यू-ट्यूब में भी वाइड नाम से भी अपना चैनल बनाया है। वह अपने गीतों को खुद लिखकर चैनल के माध्यम से लोगों तक पहुंचाते हैं। !उत्तराखंडी यूथ में रैप सांग का क्रेज बढ़ रहा है !  रैप सांग जिससे यूथ जल्दी कनेक्ट हो जाते है उत्तराखंड के नव युवक उत्तराखंडी भाषा और बोली को नये रूप से प्रस्तुत कर रहे है !  सीधे पहाड़ से  सोशियल साइट्स पर वायरल हुआ ये रैप सांग सीधे पहाड़ से उत्त राखंडी खासकर यूथो के दिलो में बस चूका है  दो  दिन में अब तक ३ लाख से ज्यादा व्यू मिल चुके है जो तेजी से वायरल हो रहा है

सीधे पहाड़ से सीधे पहाड़ से
अपनी ज़िन्दगी सरल
गाओं में है घर
मुझ में सबर
तुझको खबर
अपने ख्वाबों को पूरा
करने का सफर
दुनिया जानती तेरा भाई
पहाड़ो की आवाज़ थोड़ा वक़्त लगा
लकिन हम भी तोह नवाज़ क्या
सीधे पहाड़ से सीधे पहाड़ से
दिल से लिखा गीत नहीं लिखा मैंने हाथ से
सीधे पहाड़ से सीधे पहाड़ से
ठंडी सी फ़िज़ाएं न ये फिसले मेरे हाथ से
सीधे पहाड़ से सीधे पहाड़ से
दर नहीं लगता यहाँ पे
शेर की दहाड़ से
सीधे पहाड़ से सीधे पहाड़ से
पहाड़ो का ये प्यार
हमारे खून में बसा है
देख इन वादीओ की आँखों में
कुछ अलग ही नशा है
अफ़्सूं छुपा है यहाँ पे उड़ते इन हवाओं में
दूर जाना पड़े फिर भी दिल वहीँ फसा है
बचपन में माँ बोलती थी
बीटा थोड़ा तेज़ होजा लोग बेच खङेंगे वर्ण
सीधे साढ़े दिल में सोचा
पर असर न हुआ दिल में
जैसी होती कई फिल्में गया अपनी फीलिंग सिलने
एन्ड में तूफानों से मिलने
जहाँ पे घर है हु शेरोन का इलाका
आई मीन लिटेराल्ल्य आई सॉ आ लेपर्ड छेद को मैं झाका
अपनी खिड़की से जल्दी से मैं चेक करने को भगा
की अच्छी तरीके से मेरा बंद तोह दरवाज़ा
बदलो के ऊपर कभी आके मुझसे मिल
नाम की टेंशन ना लो
ई ऍम द गाए फ्रॉम दा हिल्स
तुम बोलते जिसको जन्नत
मै बोलता घर
कभी आना तोह काजू खिलाएंगे
बाकि हवा जम कर
सीधे पहाड़ से सीधे पहाड़ से
दिल से लिखा गीत नहीं लिखा मैंने हाथ से
सीधे पहाड़ से सीधे पहाड़ से
ठंडी सी फ़िज़ाएं न ये फिसले मेरे हाथ से
सीधे पहाड़ से सीधे पहाड़ से
दर नहीं लगता यहाँ पे शेर की दहाड़ से
सीधे पहाड़ से सीधे पहाड़ से
तेरा भाई येह
येह
तेरा भाई है पहाड़ से
यहाँ पे सब को होश
शब्द कोष जैसे मेरी है सख्त सोच
राखत पॉच हाटों से तू वक़्त नौच
हार के ही तोह सीखा मैंने की
अपना नया तख़्त खोज
अपनी देव भूमि यहाँ सर भी हम झुकाते
और ट्रैकिंग चलना साथ बीआरओ
क्या चल तुझे घूमते
करते काम नहीं आराम
यहाँ पे नहीं चाहिए अलार्म
ये पंछी ही उठाते सुबह लेके तेरा नाम
और सच बोलूं मेरी 80 साल की दादी
कई बार 40 साल की लोगों से भी
ज़्यादा चल ही जाती
उहने पसंद है आज़ादी हसती बताती
मुझ को उनको मेरे छोटे भी की
कितनी याद है सताती
15 साल की उम्र में लिखा था पहला गीत
दिल का शार्ट है बाद में बन गया खुद संगीत
दिल कभी मेरा भरा और कभी एम्प्टी भी
आज वोयड रेप्रेसेंटिंग हिल्स स्ट्रैट ऑन MTV
सीधे पहाड़ से सीधे पहाड़ से
दिल से लिखा गीत नहीं लिखा मैंने हाथ से
सीधे पहाड़ से सीधे पहाड़ से
ठंडी सी फ़िज़ाएं न ये फिसले मेरे हाथ से
सीधे पहाड़ से सीधे पहाड़ से
दर नहीं लगता यहाँ पे शेर की दहाड़ से
सीधे पहाड़ से सीधे पहाड़ से

हमारा एकमात्र प्रयास है अपनी लोकसंस्कृति को विश्वभर में फैलाना। जय देवभूमि उत्तराखंड।
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