कामाख्या मंदिर पिथौरागढ़

पिथौरागढ़ झूलाघाट मार्ग पर स्थित सैनिक छावनी के ठीक ऊपर पहाड़ी पर एक भव्य मां कामाख्या मंदिर है. सैन्य छावनी क्षेत्र के ठीक ऊपर बना यह मंदिर कुसौली गांव की पहाड़ी में निर्मित है. यह मंदिर पिथौरागढ़ शहर से 6 किमी की दूरी पर स्थित है, यहां मां कामाख्या देवी भव्य

लॉकडाउन का सदुपयोग, जन शक्ति मार्ग मठाली ग्राममठाली, ब्लॉक जयहरीखाल

लॉकडाउन का सदुपयोग जन शक्ति मार्ग मठाली, ( जन शक्ति मार्ग मठाली) ग्राममठाली, ब्लॉक जयहरीखाल। लॉकडाउन के इस दौर में हमने देखा कि कई लोग लॉकडाउन का सदुपयोग कर मिसाल पेश कर रहे हैं। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है हमारे मठाली गांव ने!  पौड़ी जनपद के लैसडॉनविधानसभा के ब्लॉक जयहरीखाल के अन्तर्गत

संजय सत्यवली जी सल्ट क्षेत्र (अल्मोड़ा) झिमार गांव में जिन्होंने पहाड़ की धरती पर सोना उगा रखा है!!!

संजय सत्यवली जी सल्ट क्षेत्र क्षेत्र  (अल्मोड़ा) झिमार गांव से जिन्होंने पहाड़ की धरती पर सोना उगा रखा है ! संजय सत्यवली जी जैविक खेती के साथ ही गौ पालन कर देशी गौवंश के गोबर गौमूत्र से वर्मीकम्पोस्ट से जैविक खेती का ' उत्पादन कर रहे हैं । जैविक खेती से

न्याय के देवता महासू

न्याय के देवता महासू का संबंध देहरादून जिले के जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर से है, जिनका मुख्य मंदिर हनोल में पड़ता है। मिश्रित स्थापत्य शैली के इस मंदिर का निर्माण नवीं सदी में हुआ माना जाता है। कहते हैं कि पांडवों ने भी माता #कुंती के साथ कुछ वक्त इसी

सेम मुखेम 5वॉ धाम टिहरी गढ़वाल

सेम मुखेम 5वॉ धाम प्राकृतिक सौंदर्य के बीच बसा ये धाम अपने अंदर बहुत सी सक्तियाँ समेटे हुये है सड़क से लगभग 2 3 किलोमीटर की चढ़ाई के बाद इस धाम के दर्शन होते है श्रद्धालु इस सेम नागराज के नाम से भी जानते है सेममुखेम नागराज उत्तराखण्ड के टिहरी गढ़वाल

शक्ति सिद्धपीठ  श्री कालीमठ मंदिर

देवभूमि उत्तराखंड के #रुद्रप्रयाग जिले के केदारनाथ की चोटियों से घिरा हिमालय में सरस्वती नदी के किनारे स्थित प्रसिद्ध शक्ति सिद्धपीठ  श्री_कालीमठ मंदिर स्थित है | यह मंदिर समुन्द्रतल से 1463 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है | कालीमठ मंदिर रुद्रप्रयाग जिले के प्रमुख पर्यटक स्थलों में से एक है

विष्णुप्रयाग

देवभूमि उत्तराखंड के प्रसिद्ध पंचप्रयागों और प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है पावन धाम विष्णु प्रयाग। यह भारत के प्रसिद्ध संगम स्थलों में से एक है। यह समुद्र तल से 1372 मी की ऊँचाई पर स्थित है | “विष्णुप्रयाग” विष्णुगंगा (धौली गंगा) तथा अलकनंदा नदियों के संगम पर स्थित है। अलकनंदा का उद्गम स्थल “सतोपंथ”

गोपेश्वर धाम गोपीनाथ मंदिर चमोली

गोपीनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित मंदिर है जो भारत के उत्तराखण्ड राज्य के चमोली जिले के गोपेश्वर में स्थित है।यह मंदिर, कत्यूरी शासन काल में 9 वीं से 11 वीं शताब्दी के बीच बनाया गया था । भगवान शिव को समर्पित यह धाम भारत के प्रमुख रमणीय स्थलों मे से

उत्तराखंड का स्वादिष्ट फल तिमला

पहाड़ी क्षेत्रों देवभूमि उत्तराखंड में पाये जाने वाले पोष्टिक एवं औषधीय गुणों से भरपूर एक फल के जिसे उत्तराखंड में तिमला  कहते है। वैसे तो उत्तराखण्ड में बहुत सारे बहुमूल्य जंगली फल बहुतायत मात्रा में पाये जाते हैं जिनको स्थानीय लोग, पर्यटक तथा चारावाह बडे चाव से खाते हैं, जो पोष्टिक एवं

सहजधारी सिख नेगी

रीठाखाल, पौड़ी गढ़वाल के बगल में एक रमणीक गांव है- बिजोली। वहाँ विना पगड़ी वाले, जिनको सहजधारी सिख कहते हैं, उन लोगों के परिवार रहते हैं। वे नेगी लोग मुण्डन(सिर के बाल कटवाने) के अतिरिक्त हिन्दू धर्म के अनुसार ही अपने शेष सभी पंद्रह संस्कार करते हैं। बिजोली गांव के ऊपर

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