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कामाख्या मंदिर पिथौरागढ़

पिथौरागढ़ झूलाघाट मार्ग पर स्थित सैनिक छावनी के ठीक ऊपर पहाड़ी पर एक भव्य मां कामाख्या मंदिर है. सैन्य छावनी क्षेत्र के ठीक ऊपर बना यह मंदिर कुसौली गांव की पहाड़ी में निर्मित है. यह मंदिर पिथौरागढ़ शहर से 6 किमी की दूरी पर स्थित है, यहां मां कामाख्या देवी भव्य

न्याय के देवता महासू

न्याय के देवता महासू का संबंध देहरादून जिले के जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर से है, जिनका मुख्य मंदिर हनोल में पड़ता है। मिश्रित स्थापत्य शैली के इस मंदिर का निर्माण नवीं सदी में हुआ माना जाता है। कहते हैं कि पांडवों ने भी माता #कुंती के साथ कुछ वक्त इसी

सेम मुखेम 5वॉ धाम टिहरी गढ़वाल

सेम मुखेम 5वॉ धाम प्राकृतिक सौंदर्य के बीच बसा ये धाम अपने अंदर बहुत सी सक्तियाँ समेटे हुये है सड़क से लगभग 2 3 किलोमीटर की चढ़ाई के बाद इस धाम के दर्शन होते है श्रद्धालु इस सेम नागराज के नाम से भी जानते है सेममुखेम नागराज उत्तराखण्ड के टिहरी गढ़वाल

शक्ति सिद्धपीठ  श्री कालीमठ मंदिर

देवभूमि उत्तराखंड के #रुद्रप्रयाग जिले के केदारनाथ की चोटियों से घिरा हिमालय में सरस्वती नदी के किनारे स्थित प्रसिद्ध शक्ति सिद्धपीठ  श्री_कालीमठ मंदिर स्थित है | यह मंदिर समुन्द्रतल से 1463 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है | कालीमठ मंदिर रुद्रप्रयाग जिले के प्रमुख पर्यटक स्थलों में से एक है

विष्णुप्रयाग

देवभूमि उत्तराखंड के प्रसिद्ध पंचप्रयागों और प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है पावन धाम विष्णु प्रयाग। यह भारत के प्रसिद्ध संगम स्थलों में से एक है। यह समुद्र तल से 1372 मी की ऊँचाई पर स्थित है | “विष्णुप्रयाग” विष्णुगंगा (धौली गंगा) तथा अलकनंदा नदियों के संगम पर स्थित है। अलकनंदा का उद्गम स्थल “सतोपंथ”

गोपेश्वर धाम गोपीनाथ मंदिर चमोली

गोपीनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित मंदिर है जो भारत के उत्तराखण्ड राज्य के चमोली जिले के गोपेश्वर में स्थित है।यह मंदिर, कत्यूरी शासन काल में 9 वीं से 11 वीं शताब्दी के बीच बनाया गया था । भगवान शिव को समर्पित यह धाम भारत के प्रमुख रमणीय स्थलों मे से

यमकेश्वर महादेव मंदिर

जय यमकेश्वर महादेव 🚩 यमकेश्वर महादेव के नाम से भगवान शिव का अत्यंत प्राचीन मंदिर है यमकेश्वर मंदिर के निकट का टीला जो पीपल के पते के सवरूप भी एक प्रकिर्तिक शिवलिंग के सामान है जिसके चारो और जल रहता है इस मंदिर का एक चमत्कार हैं जिस किसी दम्पति का संतान नहीं होता

ताड़केश्वर धाम, पौड़ी गढ़वाल.

जै ताड़केश्वर महादेव धाम  ताड़केश्वर धाम, पौड़ी गढ़वाल. ताड़केश्वर महादेव ताड़ के विशाल वृक्षों के बीच में स्थित एक ऐसा प्राचीन तथा पौराणिक मंदिर है उत्तराखंड को महादेव शिव की तपस्थली भी कहा जाता है। भगवान शिव इसी धरा पर निवास करते हैं। इसी जगह पर भगवान शिव का एक मंदिर

ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ

🚩ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ🚩 🙏🙏 धरोहरों की श्रृंखला ऊखीमठ स्थित पंच गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर🚩 देश-दुनिया का यह एकमात्र मंदिर शेष है, जिसका निर्माण अति प्राचीन धारत्तुर परकोटा शैली में हुआ है। उत्तराखंड हिमालय में इस स्थित इस मंदिर में शीतकाल के दौरान बाबा केदार के साथ ही द्वितीय केदार बाबा मध्यमेश्वर भी विराजते

कल्पेश्वर मन्दिर जहां पूरी होती हैं मन की इच्छा

कल्पेश्वर मन्दिर उत्तराखण्ड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। यह मन्दिर उर्गम घाटी में समुद्र तल से लगभग 2134 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। इस मन्दिर में 'जटा' या हिन्दू धर्म में मान्य त्रिदेवों में से एक भगवान शिव के उलझे हुए बालों की पूजा की जाती

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